मरवाही अपहरण कांड का 72 घंटे में खुलासा: किराना कारोबारी सकुशल मुक्त, 20 लाख फिरौती मांगने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

मरवाही। मरवाही में दिनदहाड़े हुए किराना व्यवसायी के अपहरण कांड का पुलिस ने महज तीन दिनों में खुलासा कर दिया है। मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित ग्राम उषाढ़ में रविवार दोपहर हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। बेखौफ बदमाश एक नीली बलेनो कार में पहुंचे और परिजनों के सामने ही किराना व्यवसायी गिरीश यादव को जबरन वाहन में बैठाकर फरार हो गए थे। पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी।
घटना की सूचना मिलते ही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अपहरणकर्ताओं का सुराग जुटाया। लगातार तीन दिनों तक चली तलाश और जांच के बाद पुलिस ने अपहृत व्यवसायी गिरीश यादव को सकुशल मुक्त करा लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी व्यवसायी के परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने की तैयारी में थे। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्तौल, कारतूस, वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार और ‘पुलिस’ लिखी नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से अपहरण की साजिश रची थी। हालांकि समय रहते पुलिस की सक्रियता के कारण वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके। मामले में अभी जांच जारी है और गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।
इस कार्रवाई को जीपीएम पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने महज 72 घंटे के भीतर अपहरण की गुत्थी सुलझाकर व्यवसायी को सुरक्षित छुड़ा लिया।





