महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कांग्रेस की अंदरूनी कलह उस समय सड़क पर आ गई, जब जिला कांग्रेस भवन में पार्टी पदाधिकारी आपस में ही भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि नेताओं ने एक-दूसरे पर प्लास्टिक की कुर्सियां फेंकी, कांच के गिलास तोड़े और हाथापाई के दौरान कपड़े तक फट गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिलाध्यक्ष को पुलिस बुलानी पड़ी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना पर छिड़ा विवाद
घटना गुरुवार (2 अप्रैल) दोपहर की है, जब जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने महंगाई के मुद्दे पर एक पत्रकार वार्ता (PC) आयोजित की थी। पीसी खत्म होने के बाद नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष विजय साव ने आरोप लगाया कि संगठन के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों को इस बैठक की सही जानकारी नहीं दी गई थी। इसी बात को लेकर विजय साव, पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद और पूर्व शहर कोषाध्यक्ष निर्मल जैन के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
रणक्षेत्र बना कांग्रेस कार्यालय
देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नेताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चले और एक-दूसरे के कपड़े फाड़ दिए गए। आवेश में आकर दफ्तर में रखी कुर्सियां और कांच के गिलास फेंककर फोड़ दिए गए। जिलाध्यक्ष द्वारा पुलिस बुलाए जाने के बाद भी विजय साव वहां से जाने को तैयार नहीं थे। आखिरकार पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें भवन से बाहर निकाला।
नवनियुक्त उपाध्यक्ष पर FIR दर्ज
हैरानी की बात यह है कि आरोपी विजय साव को मात्र एक हफ्ते पहले ही जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह वार्ड नंबर-28 के पार्षद भी हैं। इस शर्मनाक घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने विजय साव के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इस अनुशासनहीनता पर कड़ी नाराजगी जताई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे पार्टी की जमकर किरकिरी हो रही है।
