रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी और जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ और सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्णप्राशन भी उनमें से एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। उन्होंने कहा कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जहां विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है, वहीं आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्णप्राशन संस्कार को बाल स्वास्थ्य संवर्धन की महत्वपूर्ण प्रक्रिया के रूप में देखा जाता रहा है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक पद्धति भी माना जाता है।
अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों और युवाओं के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक संगठन समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में अजय चंद्राकर, विनोद चंद्राकर, पूनम चंद्राकर तथा समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में समाजजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, संस्कृति संरक्षण और स्वस्थ समाज निर्माण पर भी विचार-विमर्श किया गया।
