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NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: पार्ट-टाइम टीचर से 1500 करोड़ का मालिक बना कोचिंग डायरेक्टर, पिछले साल भी पहुंचा था पेपर

दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं।

कभी पार्ट-टाइम टीचर रहे मोटेगांवकर की आज करीब 1500 करोड़ रुपए की संपत्ति बताई जा रही है। CBI जांच में सामने आया है कि पिछले साल भी NEET का लीक पेपर उसके कोचिंग सेंटर तक पहुंचा था।

CBI ने 17 मई को RCC के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी को ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि मोटेगांवकर लंबे समय से पेपर लीक नेटवर्क के संपर्क में था। मंगलवार को उसे दिल्ली की अदालत में पेश किया गया, जहां से 9 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक मोटेगांवकर आर्थिक रूप से मजबूत और पढ़ाई में अच्छे छात्रों को टारगेट करता था। परीक्षा से पहले आखिरी 15 दिनों में ‘वन-ऑन-वन मेंटरिंग’ के नाम पर चुनिंदा छात्रों को अलग से तैयारी कराई जाती थी। CBI को ऐसे कई वीडियो भी मिले हैं, जिनमें छात्रों को सवाल-जवाब रटवाए जाते दिख रहे हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के जरिए पेपर लीक का नेटवर्क संचालित हो रहा था। एजेंसी को शक है कि प्रति छात्र करीब 15 लाख रुपए लेकर पेपर बेचा गया।

इस साल RCC से 19 छात्रों का अलग-अलग AIIMS में चयन हुआ है, जिसमें AIIMS दिल्ली, हैदराबाद, भोपाल और वाराणसी जैसे संस्थान शामिल हैं। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शिवराज छात्रों से चर्चा करते नजर आ रहा है, जिसमें छात्रा कहती है कि “मॉक टेस्ट वाले सभी सवाल एग्जाम में आए थे।”

3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अब 21 जून को री-एग्जाम कराया जाएगा, जिसे पूरी तरह फुलप्रूफ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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