ड्रोन सर्वे से बड़ा खुलासा: टाइगर रिजर्व में 106 हेक्टेयर अतिक्रमण, 166 आरोपियों पर होगी कार्रवाई

गरियाबंद। देवभोग क्षेत्र स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और अवैध कटाई का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इसरो की सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वेक्षण के जरिए हुए खुलासे में पता चला है कि करीब 106 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण कर लगभग 1 लाख पेड़ काट दिए गए हैं। यह क्षेत्र 1974 में साल वृक्षों की सुरक्षा के लिए अभ्यारण्य घोषित किया गया था।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सीतानदी रेंज के जैतपुरी गांव के 166 अतिक्रमणकारियों द्वारा पिछले 15 वर्षों में इस बड़े पैमाने पर वन भूमि कब्जाने की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2011 में 45 हेक्टेयर में शुरू हुआ अतिक्रमण धीरे-धीरे बढ़कर 106 हेक्टेयर तक पहुंच गया। कई आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के लिए कटे पेड़ों के ठूंठों को आग के हवाले भी कर दिया।
उपनिदेशक वरुण जैन के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा और ठूंठों की गिनती की है। सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और उनके खिलाफ पीओआर दर्ज किए गए हैं। ड्रोन सर्वे में 10 सेंटीमीटर तक जूम कर हर कब्जे को चिन्हांकित किया गया है, जिससे कार्रवाई मजबूत हो गई है।
वन विभाग के अनुसार, वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत 7 साल तक की सजा और लोक संपत्ति क्षति अधिनियम के तहत 3 साल तक कारावास का प्रावधान है। साथ ही अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।





