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छत्तीसगढ़ की दो जनजातीय पहलों को SKOCH Gold Award, विरासत संरक्षण और वनाधिकार के काम को राष्ट्रीय पहचान

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास विभाग को जनजातीय विरासत के संरक्षण, वनाधिकारों की निरंतर सुरक्षा और संग्रहालय निर्माण के क्षेत्र में किए गए अभिनव कार्यों के लिए प्रतिष्ठित SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया है। विभाग को यह सम्मान ‘AADI VIRASAT’ और ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ परियोजनाओं के लिए मिला है।

इन दोनों पहलों का तीन चरणों में प्रस्तुतीकरण और मूल्यांकन किया गया। इसके बाद Jury मूल्यांकन और Public Voting की प्रक्रिया के माध्यम से परियोजनाओं का चयन हुआ। तत्कालीन प्रमुख सचिव एवं टीम लीडर सोनमणि बोरा, IAS ने Jury के समक्ष परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर परियोजना से जुड़े संयुक्त सचिव बीके राजपूत और OSD श्रीकांत शुक्ला भी उपस्थित रहे।

‘AADI VIRASAT’ के तहत राज्य में दो महत्वपूर्ण संग्रहालयों का निर्माण किया गया है। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय शामिल है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2025 में किया था। वहीं राज्य के पहले जनजातीय संग्रहालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मई 2025 में किया। इन संग्रहालयों में जनजातीय इतिहास, वीरता और संस्कृति को डिजिटल तकनीक, AR/VR तथा इमर्सिव अनुभवों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

वहीं ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ के तहत वनाधिकार को केवल एक बार मिलने वाले अधिकार के बजाय पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखने वाली व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है। इसमें उत्तराधिकार, अभिलेखों के अद्यतन और हितग्राहियों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने विभागीय अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे जनजातीय विरासत और अधिकारों के संरक्षण के प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान बताया।

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