सरकार का बड़ा फैसला: संवेदनशील कंटेंट हटाने की समय-सीमा 24 घंटे से घटकर 2 घंटे

दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट मॉडरेशन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
अब संवेदनशील मामलों में आपत्तिजनक या हानिकारक ऑनलाइन सामग्री हटाने की समय-सीमा 24 घंटे से घटाकर सिर्फ 2 घंटे कर दी गई है। इस संबंध में गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी कर नई व्यवस्था की जानकारी दी गई।
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर गलत सूचना, हिंसा भड़काने वाले संदेश, फर्जी खबरें और अन्य संवेदनशील सामग्री तेजी से वायरल हो जाती है।
ऐसे में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य ऑनलाइन माध्यमों के दुरुपयोग पर रोक लगाना और लोगों की सुरक्षा के साथ सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है।
अब तक सोशल मीडिया कंपनियों को किसी संवेदनशील कंटेंट को हटाने के लिए 24 घंटे का समय मिलता था, लेकिन नए निर्देश लागू होने के बाद संबंधित सामग्री को अधिकतम दो घंटे के भीतर हटाना या उस पर आवश्यक कार्रवाई करना अनिवार्य होगा।
सरकार का मानना है कि कम समय सीमा से आपत्तिजनक सामग्री के व्यापक प्रसार को रोका जा सकेगा और संभावित नुकसान को कम किया जा सकेगा।
नई गाइडलाइन के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी मॉनिटरिंग और रिस्पॉन्स प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना होगा। समय-सीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इसके प्रभावी क्रियान्वयन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होगी। आने वाले समय में इस नई व्यवस्था के तहत सोशल मीडिया कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सरकार की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।





