CG में भूजल संरक्षण की बड़ी उपलब्धि: अब एक भी विकासखंड क्रिटिकल नहीं, 127 ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भूजल संसाधन आकलन-2026 के अनुसार प्रदेश का अब एक भी विकासखंड भूजल दोहन की ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में नहीं है।

वर्ष 2020 में प्रदेश के 9 विकासखंड इस श्रेणी में थे, जबकि 2025 तक 5 विकासखंड क्रिटिकल बने हुए थे। अब ये सभी पांच विकासखंड भी इस श्रेणी से बाहर आ गए हैं।

इस आकलन में 12 विकासखंडों की भूजल स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है, जबकि किसी भी विकासखंड की स्थिति खराब नहीं हुई। प्रदेश में सुरक्षित विकासखंडों की संख्या बढ़कर 127 हो गई है। सरकार के अनुसार विकासखंडवार भूजल आकलन शुरू होने के बाद यह एक चक्र में हुआ सबसे बड़ा सुधार है।

भूजल रिचार्ज रिकॉर्ड स्तर पर

भूजल संसाधन आकलन-2026 के मुताबिक प्रदेश में वार्षिक भूजल रिचार्ज बढ़कर 14.65 बिलियन घन मीटर (BCM) पहुंच गया है। वर्ष 2017 में यह 11.57 BCM था। तालाबों, पोखरों और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्जीवन का इसका सीधा असर माना जा रहा है।

वहीं, भूजल दोहन भी पहली बार सालाना आधार पर घटा है। वर्ष 2026 में कुल दोहन 6.21 BCM रहा, जबकि पिछले आकलन में यह 6.30 BCM था। भूजल दोहन का स्तर 2022 के 49.5% से घटकर अब 46.37% हो गया है।

फसल विविधीकरण से फायदा

बेमेतरा और राजनांदगांव में गर्मी के धान का रकबा घटने से भूजल दोहन में कमी आई है। बेमेतरा में गर्मी के धान का क्षेत्रफल करीब 26 हजार हेक्टेयर से घटकर 5 हजार हेक्टेयर रह गया। राजनांदगांव में यह 9,400 से घटकर करीब 2,800 हेक्टेयर हुआ है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे किसानों, नागरिकों और मैदानी अमले की सामूहिक भागीदारी का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि अब 11 जिलों के 19 अर्ध-संकटग्रस्त विकासखंडों पर फोकस रहेगा। सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के सभी विकासखंडों को भूजल की दृष्टि से सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा है।

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