रायपुर। महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना अब जमीनी स्तर पर बदलाव की मजबूत कहानी लिख रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम मझगंवा की श्रीमती हेमा सिंग इसका जीवंत उदाहरण हैं। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली हेमा सिंग ने इस योजना से मिलने वाली राशि को अवसर में बदला। उन्होंने हर महीने मिलने वाली सहायता राशि को बचाकर अपने घर के पास एक छोटा किराना स्टोर शुरू किया।
धीरे-धीरे उनका व्यवसाय चल निकला और गांव के लोगों की जरूरतें पूरी करते हुए उनकी आय में स्थिरता आने लगी। आज उनकी दुकान न केवल उनकी आर्थिक मजबूती का आधार बन चुकी है, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला पा रही हैं और भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं।
हेमा सिंग बताती हैं कि पहले रोजमर्रा के खर्चों को लेकर चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब उनके जीवन में आत्मविश्वास और संतोष है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय योजना को देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया।
महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है, जो उन्हें आर्थिक स्वावलंबन के साथ समाज में सशक्त भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रही है।
