कृष्ण जन्माष्टमी आज: मथुरा-वृंदावन में 75 लाख भक्तों का अनुमान, द्वारका में मंगला आरती; पुरी में जगन्नाथ निभाएंगे खास रस्म

दिल्ली। देशभर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा-वृंदावन से लेकर द्वारका, पुरी, दिल्ली और जयपुर तक मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा-अर्चना की जा रही है। मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि, गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर और देशभर के इस्कॉन मंदिरों में सुबह मंगला आरती के साथ जन्माष्टमी उत्सव की शुरुआत हुई।

ब्रज में 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में जन्माष्टमी से एक दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के अनुमान के मुताबिक मथुरा-वृंदावन समेत पूरे ब्रज क्षेत्र में करीब 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।

द्वारका में अभिषेक और राजभोग

गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर में सुबह मंगला आरती के बाद अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भगवान को राजभोग लगाया जाएगा। मंदिर को जन्माष्टमी के लिए आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। दिल्ली, मुंबई, पटना और बेंगलुरु के इस्कॉन मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।

पुरी में 5 घंटे बंद रहेगा मंदिर

ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में जन्माष्टमी पर विशेष परंपरा निभाई जाएगी। शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रहेंगे। इस दौरान भगवान जगन्नाथ मां का रूप धारण कर श्रीकृष्ण को जन्म देंगे। इससे पहले भगवान को विशेष ‘जेउटा भोग’ चढ़ाया जाएगा।

काशी से मथुरा पहुंचा लड्‌डू गोपाल का उपहार

जन्माष्टमी से पहले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए लड्‌डू गोपाल का विशेष उपहार भेजा गया। यह परंपरा 2024 में शुरू हुई थी। इस साल करीब 15 देशों के 100 से ज्यादा मंदिरों से भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए शुभकामनाएं और उपहार भेजे जा रहे हैं।

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