रायपुर। बस्तर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग ने बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण के लिए चयनित एजेंसी को कार्यादेश जारी कर दिया है। यह कार्रवाई उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देशों के बाद की गई है।
दरअसल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान 5 जून को केशकाल घाट बायपास रूट का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बायपास के दोनों छोरों का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना में तेजी लाने और लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण एजेंसी को कार्यादेश जारी कर दिया।
करीब 308 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह फोरलेन बायपास 11.38 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना के तहत दो वृहद पुल और दो मध्यम पुलों का भी निर्माण किया जाएगा। यह बायपास तैयार होने के बाद केशकाल घाट क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और रायपुर से जगदलपुर के बीच सफर अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री से लेकर तकनीकी मानकों तक हर पहलू की कड़ी निगरानी रखी जाए और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी के लिए केशकाल घाट बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है।
सरकार का मानना है कि इस बायपास के निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
