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दंतेवाड़ा: बाघ और तेंदुए की खाल के साथ अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, डिप्टी रेंजर समेत 9 गिरफ्तार

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए की खाल के साथ एक सक्रिय शिकारी गिरोह को दबोचा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा एक डिप्टी रेंजर की संलिप्तता है, जिसे अन्य 8 साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

संयुक्त टीम की घेराबंदी और बरामदगी

यह कार्रवाई 16-17 मार्च 2026 को मुखबिर की सूचना पर की गई। वनमंडल दंतेवाड़ा, बीजापुर, इंद्रावती टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त टीम ने रणनीतिक घेराबंदी की।

  • बाघ की खाल: पहली सफलता दंतेवाड़ा-बालूद मार्ग पर मिली, जहाँ घेराबंदी कर दो आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा गया।
  • तेंदुए की खाल: आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम केशापुर में छापेमारी की गई, जहाँ से तेंदुए की खाल बरामद हुई।

गिरफ्तार आरोपी और कानूनी कार्रवाई

इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से लक्ष्मण तेलाम, देवीराम ओयाम, रमेश कुड़ियाम और मासो ओयाम जैसे नाम शामिल हैं। वन विभाग के अनुसार, जब्त किए गए दोनों वन्यजीव अनुसूची-1 के तहत संरक्षित हैं। आरोपियों पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं (9, 39, 48 आदि) के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

प्रशासन का कड़ा रुख

रेंज ऑफिसर प्रीतेश पांडे ने कार्रवाई की पुष्टि की है, वहीं डीएफओ रंगनाधा रामाकृष्णा वाय ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह विभाग का ही कर्मचारी क्यों न हो।

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