दिल्ली। मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून की सक्रियता से बारिश और बाढ़ के हालात बने हुए हैं। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर आने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए सतना जिले में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
मंदाकिनी की बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में भी दिखाई दिया। रामघाट पर बना पुल बाढ़ के पानी में समा गया। पानी उतरने के बाद अब लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई घरों में करीब पांच फीट तक कीचड़ जमा है। सड़कें भी मिट्टी और मलबे से पट गई हैं।
बिहार में बैराज से पानी छोड़े जाने से बढ़ी चिंता
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद बिहार में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। कोसी बैराज और गंडक बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भागलपुर के सबौर में गंगा नदी के कटाव से आठ घर नदी में समा गए। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है।
हिमाचल में 3 सितंबर तक यलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भी मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। 31 अगस्त से 3 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है। सोलन में बारिश के कारण मिट्टी बहने से शिमला-कालका नैरोगेज रेलवे लाइन प्रभावित हुई और 10 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।
30 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में हिमाचल में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 103 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। देश के कई अन्य राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
