सुशासन तिहार: गांव की चौपाल तक पहुंचा प्रशासन, ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने वाली संवेदनशील पहल के रूप में सामने आया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 1 मई से 10 जून 2026 तक चले अभियान का उद्देश्य गांव और शहर के लोगों की समस्याओं को उनके बीच पहुंचकर सुनना और समयबद्ध समाधान करना रहा। अभियान के दौरान मुख्यमंत्री ने भी ग्रामीण क्षेत्रों का आकस्मिक दौरा कर सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति देखी।

चौपाल में बेझिझक रखी अपनी बात

बस्तर के आयतु से लेकर सरगुजा के तिहारू और धमतरी के नगरी क्षेत्र के ईतवारी राम कमार जैसे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन और मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर मिला। गांवों में आयोजित चौपालों में हैंडपंप, तालाब घाट, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली, राशन और स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।

ग्रामीणों के बीच मुख्यमंत्री की अचानक मौजूदगी ने उन्हें सहज होकर अपनी बात रखने का अवसर दिया। कई छोटी सार्वजनिक जरूरतों को मौके पर ही मंजूरी भी दी गई।

33 जिलों में चला अभियान

सुशासन तिहार के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों के 146 विकासखंडों में अभियान दल बनाए गए। करीब 11,693 ग्राम पंचायतों और 19,820 गांवों तक अधिकारी-कर्मचारी पहुंचे। टीमों ने गांवों में रुककर ग्रामीणों से उनकी समस्याएं जानीं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।

योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी

अभियान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न भंडारण, अमृत नमक वितरण, मनरेगा मजदूरी भुगतान, राजस्व मामलों, पेयजल, बिजली व्यवस्था और कृषि पंपों के विद्युतीकरण की समीक्षा की गई। चिकित्सा सेवाओं, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की स्थिति भी देखी गई।

सुशासन तिहार ने यह संदेश दिया कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने का नाम नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और उसकी आवाज सुनने की व्यवस्था है।

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