छत्तीसगढ़

Gariyaband: बल्दी बाई के निधन के बाद परिजनों से मिलने पहुंचे कांग्रेसी नेता विनोद तिवारी, गांव में स्थापित होगी प्रतिमा

रवि तिवारी@गरियाबंद। (Gariyaband) बल्दी बाई के निधन के बाद परिजनों से मिलने पहूचे कांग्रेसी नेता विनोद तिवारी ने निजी सहायता राशि भेंट किया।बोले स्वालम्बन की देवी की प्रतिमा गांव में स्थापित होगा । 26 मई से कुल्हाड़ीघाट के युवाओं के साथ कोरोना का टीका लगवाने के लिए जनजागरूकता अभियान शुरू करेंगे ।

 (Gariyaband)पीएम राजीव गांधी को कभी कंद मूल खिला कर कांग्रेस की पोस्टर लेडी बन चुकी बल्दी बाई का निधन 6 मई को हो गया था।कांग्रेसी नेता विनोद तिवारी आज बल्दी बाई के गृहग्राम पहूच कर शोकाकुल परिवार से भेँट किया।बल्दी के पोता धनशाय व बालचन्द से भेंट कर उन्हें भरोसा दिलाया कि परिवार के साथ कांग्रेस हमेशा खड़ी रहेगी।बल्दी के पोता को विनोद तिवारी ने निजी सहायता राशि 10 हजार भेंट किया।परिवार वालो को अपना मोबाइल नम्बर देते हुए यह आश्वस्त किया कि,किसी भी काम के लिए वो तैयार रहेंगे।तिवारी के साथ मैनपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भोला जगत व अजय बाजपेयी भी मौजूद थे।

स्वालम्बन की देवी की स्थापित होगी प्रतिमा

बल्दी बाई से सर्वाधिक बार भेंट कर चुके प्रदेश के नेता विनोद तिवारी ने कहा कि,अंतिम बार भी बल्दी बाई को 95 के उम्र में बांस शिल्प कला का काम करते देखा था।इन्होंने कभी भी दूसरों पर अपनी जिम्मेदारी नही थोंपी,बांस बर्तन बनाकर अपनी रोजमर्रा की जरूरतें स्वयं की कमाई से पूरी कर लेती थी।विनोद तिवारी ने बल्दी बाई को स्वालम्बन की देवी बताया  तिवारी ने कहा कि बल्दी बाई का अपना एक स्वर्णिम इतिहास है,उन्हें हमेशा याद किया जाएगा,उनके याद में कूलहाड़ीघाट में  जल्द ही बल्दी बाई की प्रतिमा स्थापित करने की बात तिवारी ने कही है।

26 मई को टिका लगवा,चलाएंगे अभियान

 ग्राम पहूचे विनोद तिवारी ने जब ग्रामीणों से कोरोना टिकाकरण को लेकर पूछा तो,ज्यादातर लोगों ने टिका नही लगाना बताया।जो कारण बताया वो भी हैरान करने वाला था,किसी ने नपुसंकता आ जाने,तो कोई विकलांग होने या फिर टिका से मर जाने की बात बताई।गांव के यूवाओ से सम्पर्क कर विनोद तिवारी ने उनका भ्रम दूर किया।यह भी निर्णय लिया कि ग्रामीण यूवाओ के साथ 26 मई को सबसे पहले टिका खुद लगवाएंगे।इसी दिन से ही आस पास के गांव में भी पहूच टिका को लेकर फैले भ्रम को दूर करने की मुहिम चलाएंगे।तिवारी ने कहा कि जनजाति के सरंक्षण के लिए इस आपदा की घड़ी में उनका शत प्रतिशत टिकाकरण भी जरूरी है।फैले भ्रम के कारण टिका लगवाने पहूच रहे दल को भगाने,उनसे दुर्बयव्हार की घटना भी आसपास बढ़ गई।ऐसे में जनजागरूकता अभियान जरूरी है।

राजीव गोद ग्राम की आधार शिला थीं बल्दी बाई

1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी सपत्नीक कुल्हाडीघाट पहूचे थे।जनजाति के लोगो की दुर्दशा पर छपी एक लेख के बाद,राजीव ने जमीनी स्तर पर आकर हाल जाना था।उसी दरम्यान बल्दी बाई के घर पर पीएम राजीव व पत्नी सोनिया गांधी के साथ वानस्पतिक कंद मूल का स्वाद लिया था।इसी दिन से इस गांव को राजीव गोद ग्राम का दर्जा मिला था।प्रदेश में भाजपा सरकार के काल में यह गांव उपेक्षित था।भूपेश बघेल के सरकार आने के बाद फिर से इस गांव की सुध सिस्टम ने लेना शुरू कर दिया है।

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