रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने ट्रैक्टरों से जुताई और सिंचाई पंपों के लिए किसानों को जरूरत के मुताबिक डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि खेती-किसानी का काम प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन और ऑयल कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर और बिना किसी परेशानी के डीजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारी में किसी भी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
दरअसल, खाद्य विभाग ने 22 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रदेश के 2516 पेट्रोल पंपों से ड्रम और जरीकेन में ईंधन देने पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि अब खेती-किसानी की जरूरतों को देखते हुए किसानों को इस प्रतिबंध में राहत दी गई है। सरकार का कहना है कि जुताई, बुआई और सिंचाई के काम बाधित नहीं होने दिए जाएंगे।
खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। वर्तमान में प्रदेश में 4 करोड़ 3 लाख लीटर पेट्रोल और 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल उपलब्ध है। वहीं 24 मई को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल और 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति मिली है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि खरीफ सीजन के दौरान खेती के लिए जरूरी डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को लगातार निगरानी और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
