निकायों में सुशासन और जवाबदेही पर जोर: नगरीय प्रशासन सचिव ने 194 निकायों की ली बैठक

रायपुर। रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिवशंगीता आर. ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक ली।

बैठक में नगर निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नोडल अधिकारी और विभागीय अधिकारी शामिल हुए। सचिव ने सुशासन, जवाबदेही और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शहरों का विकास ही राज्य के विकास का आधार है। नागरिकों को स्वच्छ वातावरण, शुद्ध पेयजल और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सचिव ने सभी अधिकारियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर निकाय में काम का परिणाम धरातल पर दिखाई देना चाहिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों के सम्मान और बेहतर समन्वय पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महापौर, अध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगा।

बैठक में स्वच्छता और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। सचिव ने गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और कचरामुक्त शहरों के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण और जल संरचनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए सचिव ने पात्र हितग्राहियों की पहचान कर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही वित्तीय अनुशासन, न्यायालयीन मामलों के समयबद्ध निराकरण और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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