रायपुर। राजधानी रायपुर से जुड़े धमतरी जिले में चल रहे महत्वाकांक्षी “नक्शा प्रोजेक्ट” की प्रगति का जायजा लेने गुरुवार को भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव श्री नरेंद्र भूषण पहुंचे। उन्होंने नगर पालिक निगम धमतरी के आकाशगंगा कॉलोनी और गोकुलपुर क्षेत्र में जाकर जमीनी स्तर पर सर्वे और डिजिटलीकरण कार्यों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन तय समय सीमा में “शून्य त्रुटि” के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कलेक्टर को तत्काल सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए, ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके।
सचिव ने डोमार सिंह साहू के मकान में चल रहे रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) निर्माण कार्य का लाइव प्रदर्शन देखा। इस दौरान उन्होंने नक्शा पोर्टल, प्लॉट सत्यापन और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझा।
उन्होंने सर्वे टीम से तकनीकी सवाल पूछते हुए यह भी जाना कि एक प्रविष्टि में कितना समय लगता है और वास्तविक कब्जे व रिकॉर्ड में अंतर होने पर उसका समाधान कैसे किया जा रहा है।
नरेंद्र भूषण ने कहा कि शहरी भू-अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण भविष्य में पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने दावा-आपत्ति और निराकरण प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए नागरिक सहभागिता को योजना की सफलता का आधार बताया।
संचालक भू-अभिलेख विनित नंदनवार ने बताया कि धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह योजना लागू है। इनमें धमतरी सबसे आगे है, जहां ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले में डिजिटल डोर नंबरिंग (DDN) भी लागू की जा रही है। इससे भविष्य में ऑनलाइन टैक्स, यूटिलिटी बिल भुगतान और अन्य नागरिक सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन संभव हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त प्रिया गोयल और स्टेट मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती ने भी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी।
