रायपुर में OPS की मांग को लेकर बिजली कर्मचारियों की महारैली, 18 नवंबर को सामूहिक अवकाश की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को रायपुर में बिजली कर्मचारियों ने महारैली की।
छत्तीसगढ़ विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच के बैनर तले 12 कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन और आमसभा की। इसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने पोस्टर और बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए सरकार से अब आश्वासन के बजाय लिखित आदेश जारी करने की मांग की।
2023 में बनी थी सैद्धांतिक सहमति
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 6 अक्टूबर 2023 को ऊर्जा विभाग ने विद्युत कंपनियों में OPS लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति दी थी। इसके बावजूद अब तक अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है। कर्मचारियों के मुताबिक इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत और आश्वासन के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
महारैली में संगठनों ने कहा कि पुरानी पेंशन की मांग कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी है। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी लगातार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवाएं देते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा के लिए OPS जरूरी है।
चार प्रमुख मांगें रखीं
कर्मचारी मंच ने पात्र अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू करने, 2023 की सैद्धांतिक सहमति को अंतिम आदेश में बदलने, कर्मचारियों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं करने और प्रक्रिया पर समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की है।
18 नवंबर को सामूहिक अवकाश
महारैली के दौरान कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा भी की। मंच ने चेतावनी दी कि यदि OPS लागू करने का आदेश जल्द जारी नहीं किया गया तो 18 नवंबर 2026 को 12 संगठनों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि अब केवल बातचीत और आश्वासन से काम नहीं चलेगा। मांग पूरी होने तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।





