दुर्ग के CEO रूपेश पाण्डेय पर सस्पेंड, जन समस्या निवारण शिविर में बीजेपी नेता से किया था विवाद

दुर्ग। जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान सामने आए एक विवादित वीडियो और प्रशासनिक जांच के बाद की गई है।
मामला ग्राम थनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर से जुड़ा है। शिविर के दौरान रूपेश पाण्डेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन पर बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में आम नागरिकों से अभद्र और अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और प्रशासन ने इसकी गंभीरता से जांच शुरू की।
कलेक्टर दुर्ग ने 30 मई 2026 को शासन को भेजे गए प्रस्ताव में रूपेश पाण्डेय के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की थी। जांच के दौरान वीडियो फुटेज और अन्य तथ्यों के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि उन्होंने शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती और जनता के प्रति अपेक्षित शिष्टाचार का पालन नहीं किया।
मामले को गंभीर मानते हुए आयुक्त कार्यालय ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि अधिकारियों के अनुसार उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
प्रशासन का मानना है कि सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समाधान करना और प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत करना है। ऐसे आयोजनों में अधिकारियों से संवेदनशील, जिम्मेदार और शालीन व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
रूपेश पाण्डेय पर की गई कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं इस घटना ने सरकारी अधिकारियों के आचरण और जनता के साथ उनके व्यवहार को लेकर भी नई चर्चा छेड़ दी है। शासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



