Chhattisgarh

Chhattisgarh के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि, डॉ. संजय पाटिल बने भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष

रायपुर। (Chhattisgarh) इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एस.के. पाटिल को भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संघ का अध्यक्ष बनाया गया है। भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संघ की सामान्य सभा की बैठक में डाॅ. पाटिल को वर्ष 2021 हेतु संघ का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। अध्यक्ष के रूप में डाॅ. पाटिल का कार्यकाल 1 जनवरी, 2021 से 31 दिसम्बर, 2021 तक होगा। डाॅ. पाटिल देश के सबसे अनुभवी कुलपतियों में से एक हैं एवं इंडियन एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी एसोसिएशन, नई दिल्ली के उपाध्यक्ष भी रहे चुके हैं। (Chhattisgarh) उन्हें कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के सफलतापूर्वक प्रशासन एवं प्रबंधन करने का सुदीर्घ अनुभव है। वे प्रगतिशील एवं आधुनिक विचारों वाले देश के प्रसिद्ध कृषि शिक्षाविद हैं।

Chhattisgarh: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की दी शुभकामनाएं, सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना

(Chhattisgarh) प्रोफ़ेसर एस. के. पाटिल, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन में पीएचडी हैं एवं उन्होने अमेरिका के इंटरनेशनल फर्टिलाइजर डेवलपमेंट सेंटर से पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च की है। वर्तमान में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़ के कुलपति के रूप में सन् 2011 से कार्य कर रहे हैं तथा उन्हें कुलपति के पूर्णकालिक पद पर कार्य का नौ वर्षों का अनुभव है। छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में भी वे लगभग एक वर्ष कार्य कर चुके हैं। उन्हें संचालक अनुसंधान, अधिष्ठाता, एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य करने का भी अनुभव प्राप्त है। विश्वविद्यालयीन व्यवस्था में वे विगत 33 वर्षों से कार्य कर रहे हैं।

Chhattisgarh: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की दूसरी महिला कलेक्टर होगी नम्रता गांधी, पहले अनुविभागीय अधिकारी के रूप में थी पदस्थ

डाॅ. पाटील ने अपने कार्यकाल के दौरान इंदिरागांधी कृषि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयां प्रदान की है, वित्तीय संसाधनों में वृद्धि की है एवं नवीन मल्टीडिसिप्लिनरी अनुसंधान एवं प्रसार कार्यक्रम प्रारंभ कर सर्वश्रेष्ठ छात्रों एवं शिक्षकों को आकर्षित किया है। उन्होने विश्वविद्यालय को पूरी तरह रूपांतरित कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। अपने कार्यकाल के दौरान 23 नए महाविद्यालयों एवं 12 नए कृषि विज्ञान केन्द्रों को प्रारंभ कर उन्होने गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा एवं प्रसार सेवाओं की पहुँच दूरस्थ इलाकों तक बनाई है। डाॅ. पाटील के प्रयासों से विश्वविद्यालय की 15 अनुसंधान परियोजनाओं को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा देश की सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं का पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसी प्रकार कृषि विज्ञान केन्द्रों को उनके उत्कृष्ट कार्यों हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा आठ राष्ट्रीय/ क्षेत्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।

डाॅ. पाटील को नीतियाँ एवं योजनाएं बनाने का लंबा अनुभव है। वे छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग में  कृषि शिक्षा टास्क फोर्स के अध्यक्ष रहे हैंै। उन्होने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की कई समितियों में अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में कार्य किया है। वे विश्वविद्यालयों की अकादमिक, प्रशासनिक, अनुसंधान तथा विस्तार समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य रहे हैं एवं राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की कई संस्थाओं के प्रबंध मंडल के सदस्य के रूप में भी उन्होंने कार्य किया है। उन्होंने कई विश्वविद्यालयों के कुलपति चयन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में भी कार्य किया है।

डाॅ. पाटील अंतर राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक हैं एवं उन्होने इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीटय़ूट, मनीला, फिलीपींस एवं इंटरनेशनल फर्टिलाइजर डेवलपमेंट सेंटर, मसलशोल्स, अमेरिका में लंबे समय तक विज़िटिंग साइंटिस्ट के रूप में अनुसंधान किया है। उन्हें अनुसंधान कार्यों का उन्हें लंबा अनुभव है एवं उन्हांेने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की मिट्टी परीक्षण एवं शुष्क भूमि परियोजनाओं में लंबे समय तक कार्य किया है। उन्होंने छह अंतर राष्ट्रीय एवं पाँच राष्ट्रीय अनुसंधान परियोजनाएं संचालित की हंै एवं कृषि की कई नवीन तकनीकी, जिनमें भारत का सबसे सस्ता मिट्टी परीक्षण किट (GolPatent No347189), तथा ग्रामीण जीवन के उत्थान हेतु एकीकृत फ़सल प्रबंधन, जैविक खेती, रिसोर्स कंजर्वेशन की तकनीके शामिल है, का विकास किया है। बस्तर क्षेत्र के युवाओं एवं आदिवासियों के जीवन उत्थान एवं कौशल विकास के लिए किए गए उनके कार्य विशेष रूप से प्रशंसनीय हैं। उन्होने 22 छात्रों को पीएचडी एवं 67 छात्रों को एमएससी हेतु अनुसंधान में सहायता की है एवं उनके द्वारा 219 शोधपत्र प्रकाशित किए गए हैं।

डाॅ. पाटील को कई अवार्ड, सम्मान एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए हैं, इनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा बॉयसकास्ट फैलोशिप, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा फ़ख़रुद्दीन अली अहमद अवार्ड, भारतीय वन अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, वन पर्यावरण एवं मौसम परिवर्तन विभाग, भारत सरकार, के बोर्ड के माननीय सदस्य, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जैव विविधता के संरक्षण में विशेष भूमिका हेतु रिकोगनेशन अवार्ड, भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा कर्नल कमांडेंट की मानद उपाधि, भारत सरकार के प्रशासकीय सुधार विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थाओं का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड तथा सॉइल कंजर्वेशन सोसाइटी ऑफ़ इंडिया, नई दिल्ली द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन हेतु लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रमुख हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button