रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
इसी का परिणाम है कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में डॉयल-112 की त्वरित कार्रवाई से सर्पदंश की शिकार एक महिला की जान बच गई। पुलिस की तत्परता से महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद अब वह पूरी तरह खतरे से बाहर है।
जानकारी के मुताबिक, देर रात करीब एक बजे डॉयल-112 गौरेला फाल्कन-1 को ग्राम जमुनिया टोला, धनौली से एक महिला के सर्पदंश की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही आरक्षक रामदयाल आयाम और चालक गोपाल पुरी तत्काल आपातकालीन वाहन लेकर मौके पर पहुंचे। वहां पता चला कि 55 वर्षीय सोनकुंवर पनिका को जमीन पर सोने के दौरान जहरीले सांप ने काट लिया था।
महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉयल-112 की टीम ने बिना समय गंवाए उन्हें परिजनों के साथ जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया, जिससे समय रहते उनकी जान बच गई। वर्तमान में महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है।
यह घटना साबित करती है कि डॉयल-112 सेवा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की हर घड़ी में लोगों की मदद के लिए तत्पर है। प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों, आधुनिक संचार व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग के बेहतर समन्वय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर आपातकालीन सहायता पहुंच रही है।
जिला प्रशासन और पुलिस ने बारिश के मौसम में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नागरिकों से जमीन पर न सोने, मच्छरदानी का उपयोग करने और घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी गई है।
साथ ही सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत डॉयल-112 या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि समय पर मिला चिकित्सकीय उपचार ही सर्पदंश से जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
