बेटियों का आरोप- पिता ने मां को झूठे NDPS केस में फंसाया: भरण-पोषण से बचने की साजिश, महिला आयोग ने दोबारा जांच के दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में बिलासपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
दो बेटियों ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी कर ली और भरण-पोषण देने से बचने के लिए उनकी मां को कथित तौर पर झूठे एनडीपीएस (NDPS) मामले में फंसा दिया।
महिला पिछले छह महीने से जेल में बंद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को आयोजित जनसुनवाई में बेटियों ने बताया कि उनके पिता 2006 से मेडिकल व्यवसाय से जुड़े हैं और सरकंडा क्षेत्र में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे।
उनका आरोप है कि भरण-पोषण की जिम्मेदारी से बचने के लिए पिता ने पहले मेडिकल स्टोर किसी रिश्तेदार के नाम करने का दावा किया और बाद में उनकी मां को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
इसके बाद घर की छत पर कथित रूप से नशीली दवाइयां रखवाकर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया।
सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच में आयोग ने पाया कि जब्त दवाइयों के बैच नंबर और उनकी सप्लाई चेन की समुचित जांच नहीं की गई।
आयोग ने सरकंडा पुलिस को निर्देश दिए कि पूरे मामले की वैज्ञानिक और दस्तावेजी आधार पर दोबारा जांच की जाए तथा यह भी पता लगाया जाए कि जब्त दवाइयों का मेडिकल स्टोर से कोई संबंध था या नहीं।
महिला आयोग ने पीड़ित परिवार को परिवार न्यायालय में भरण-पोषण का मामला दोबारा खोलने, बकाया राशि की वसूली और नियमित गुजारा भत्ता दिलाने के लिए आवेदन करने की सलाह भी दी। साथ ही पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी के आरोपों की भी कानूनी जांच कराने को कहा।
बुधवार को आयोग ने कुल 47 मामलों की सुनवाई की, जिनमें घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, दूसरी शादी, संपत्ति विवाद और पुलिस जांच में लापरवाही से जुड़े मामलों पर भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए।





