StateNewsदेश - विदेश

“12 छात्रों की मौत की सूची जारी कर कांग्रेस का बड़ा हमला, बोली- NEET व्यवस्था ने छीने सपने”

दिल्ली। चंडीगढ़ में NEET परीक्षा, पेपर लीक विवाद और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक तापमान फिर बढ़ गया है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए 12 छात्रों के नामों की एक सूची जारी की है और दावा किया है कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली ने कई युवाओं पर असहनीय मानसिक दबाव डाला है, जिससे उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा है।

पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ परीक्षा प्रबंधन की समस्या नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में गहराते संकट का संकेत है।

कांग्रेस द्वारा जारी सूची में राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु और गुजरात के छात्रों के नाम शामिल बताए गए हैं।

पार्टी का आरोप है कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं, पेपर लीक की घटनाएं और लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने छात्रों में तनाव और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने से उनका भरोसा टूटता है। पार्टी का दावा है कि शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य अवसर और समानता देना होना चाहिए, न कि छात्रों को दबाव और अनिश्चितता की स्थिति में धकेलना।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है, जबकि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों की घटनाएं सामने आ रही हैं।

कांग्रेस ने शिक्षा सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्यापक अभियान चलाने की बात दोहराई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए युवाओं और अभिभावकों की चिंताओं को एक बड़े राजनीतिक विमर्श में बदलने की कोशिश कर रही है। वहीं हाल के वर्षों में भर्ती परीक्षाओं और NEET विवादों ने इस बहस को और तेज किया है।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार और भाजपा का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं तथा अनियमितताओं में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सरकार का दावा है कि छात्रों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। कांग्रेस के आरोपों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है और शिक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा सुधार को लेकर बहस तेज हो गई है।

Related Articles

Back to top button