अंबिकापुर। नवरात्रि के पावन अवसर पर मां महामाया की नगरी से छत्तीसगढ़ में खेलों के एक नए युग की शुरुआत हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को पीजी कॉलेज ग्राउंड में ‘सरगुजा ओलंपिक’ का भव्य शुभारंभ किया। बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर आयोजित इस खेल महाकुंभ में संभाग के 6 जिलों से करीब 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराकर नया कीर्तिमान रचा है।
खिलाड़ियों पर इनामों की बारिश: गोल्ड जीतने पर 3 करोड़
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुकी है।
- बंपर पुरस्कार: ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी।
- अकादमी की सौगात: सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी (तीरंदाजी) अकादमी बनाई जाएगी।
गीता फोगाट ने बढ़ाया हौसला, बेटियों की संख्या देख हुईं गदगद
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में मौजूद कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट गीता फोगाट ने युवाओं को जीत का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में 1.89 लाख महिलाओं की भागीदारी देखना अद्भुत है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर कड़े अभ्यास और बड़े सपने देखने की अपील की।
नक्सलवाद के खिलाफ ‘खेल’ बना हथियार
CM साय ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। बस्तर ओलंपिक में 700 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने ‘जोआ बाट’ टीम के नाम से हिस्सा लिया, जो शांति की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 25 मार्च से छत्तीसगढ़ में पहली बार ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन होगा, जिसका शुभारंभ केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद चिंतामणि महाराज सहित कई दिग्गज मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का आगाज किया।
