कोल लेवी घोटाला: अवैध वसूली की रकम रजनीकांत तिवारी के पास जमा होती थी, ड्राइवर पर 5वीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाला मामले में ACB-EOW ने कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर नारायण साहू के खिलाफ पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है।

EOW की जांच में सामने आया है कि नारायण साहू कथित अवैध कोल लेवी वसूली सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य था। एजेंसी का दावा है कि वह सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों से नकद अवैध वसूली करता था। वसूली गई रकम बाद में सूर्यकांत के भाई रजनीकांत तिवारी के पास जमा कराई जाती थी।

जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध वसूली से जुटाई गई रकम में से करीब 7.5 करोड़ रुपए राज्य सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया, निलंबित समीर विश्नोई समेत कई अफसरों तक पहुंचाए गए। ACB-EOW ने अदालत में अतिरिक्त दस्तावेज और सबूत भी पेश किए हैं।

एजेंसी का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। इससे पहले भी इस केस में मूल चालान समेत पांच पूरक चालान दाखिल किए जा चुके हैं।

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में 570 करोड़ रुपए से ज्यादा के कथित कोल स्कैम का दावा किया था। ED के अनुसार, कोयला परिवहन और ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने जैसे तरीकों से अवैध वसूली की जाती थी।

इस मामले में दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच के दौरान रानू साहू, समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, माइनिंग अधिकारी एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई अफसरों और आरोपियों की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।

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