StateNewsChhattisgarhछत्तीसगढ़

सीएम साय ने लॉन्च किया TIN पोर्टल, बस्तर के टिन संग्राहकों को LME दर पर मिलेगा भुगतान; DBT से सीधे खाते में पहुंचेगी राशि

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संसाधनों के सतत विकास के साथ जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दे रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CMDC) और इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से विकसित TIN (Tribal Incentives on Natural Resources) पोर्टल लॉन्च किया।

यह पोर्टल बस्तर के जनजातीय समुदायों द्वारा संग्रहित टिन अयस्क की खरीदी से लेकर परिवहन, बिक्री, मूल्य निर्धारण और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाएगा। LME आधारित मूल्य निर्धारण से बाजार के अनुरूप मूल्य तय होगा, जबकि DBT के जरिए बिक्री की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंचेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका और भुगतान में देरी कम होने की उम्मीद है।

6 क्रय केंद्रों से हो रही खरीदी

CMDC फिलहाल बस्तर संभाग में 6 टिन क्रय केंद्रों के जरिए खरीदी कर रहा है। इनमें दंतेवाड़ा के बचेली, कटेकल्याण और चिकपाल तथा सुकमा के तोंगपाल, नामा और चिंतलनार शामिल हैं। बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में 3 नए संग्रहण एवं क्रय केंद्र खोलने की योजना है।

पोर्टल में डिजिटल पंजीयन, QR कोड आधारित सत्यापन, बैंकिंग एकीकरण, ऑनलाइन स्टॉक प्रबंधन, ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं हैं। CMDC ने खरीदी प्रक्रिया के लिए नई SOP भी लागू की है। सैंपल की संख्या 12 से घटाकर 6 करने और विश्लेषण शुल्क 14,400 से घटाकर 7,200 रुपए करने से लागत में कमी आएगी।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8,707.2 किलो टिन के लिए करीब 90.82 लाख रुपए, जबकि 2025-26 में 20,895.335 किलो के लिए करीब 3.81 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कार्यक्रम में CMDC और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच वित्तीय सहयोग को लेकर एमओयू भी हुआ। केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे और तोखन साहू समेत अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button