मुख्य सचिव ने की नियद नेल्लानार 2.0 की समीक्षा: बस्तर के 3056 गांवों तक पहुंचा मोबाइल नेटवर्क, 425 गांवों में पहली बार बस सेवा

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्लानार योजना के कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में योजना के तहत अब तक हुए विकास कार्यों और आगामी “नियद नेल्लानार 2.0” की कार्ययोजना पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना के जरिए बस्तर संभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में तेजी से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

दूरस्थ गांवों तक बिजली लाइनें पहुंचाई गई हैं और ग्रामीणों को मुफ्त बिजली कनेक्शन तथा सोलर लाइट की सुविधा दी गई है। वहीं मनरेगा के माध्यम से स्थानीय रोजगार और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में 5016 प्राथमिक स्कूल और 8947 आंगनबाड़ी केंद्र शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही आयुष्मान मंदिरों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बैठक में बताया गया कि अब तक 3056 गांवों में मोबाइल नेटवर्क पहुंच चुका है, जिससे दूरस्थ इलाकों में संचार व्यवस्था मजबूत हुई है। वहीं 85 प्रतिशत बसाहटों तक बारहमासी सड़कें बनाई गई हैं।

मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के तहत बस्तर संभाग के 50 रूटों पर 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। खास बात यह है कि 425 गांवों में पहली बार बस सेवा शुरू की गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से नियद नेल्लानार 2.0 के तहत आगामी कार्यों को लेकर चर्चा करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा तारण प्रकाश सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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