बस्तर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहा “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” सुकमा जिले में दूरस्थ ग्रामीणों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है। अभियान के तहत अब तक जिले में 1 लाख 54 हजार 157 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य 2 लाख 93 हजार 386 लोगों की जांच करना है।
कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अंदरूनी इलाकों तक पहुंच रही है। इसी क्रम में कोंटा विकासखंड के नियद नेल्लानार क्षेत्र के अरलमपल्ली, पोलमपल्ली, दोरनापाल, बगड़ेगुड़ा, रंगाईगुड़ा, कोलईगुड़ा और पेंटापाड़ जैसे गांवों से 39 मरीजों को जिला अस्पताल सुकमा लाकर इलाज कराया गया।
जिला अस्पताल में मरीजों की जांच के बाद 16 लोगों को प्रेसबायोपिक चश्मा दिया गया, जबकि 8 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। वहीं गोगुंडा पहाड़ी क्षेत्र से लाई गई 5 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच कर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। कोसागुड़ा से आए 6 मरीजों का अल्ट्रासाउंड और ब्लड ट्रांसफ्यूजन कराया गया, जबकि हाथ-पैर सूजन से पीड़ित 4 मरीजों का भी उपचार किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान अब तक 4990 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, खून की कमी, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, कुपोषण, बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से चिन्हित किया गया है। इन मरीजों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में इलाज जारी है।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य दूरस्थ इलाकों के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी जरूरतमंद इलाज से वंचित न रहे। इलाज के बाद मरीजों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए जिला अस्पताल से एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई। मरीजों को नाश्ता कराकर सम्मानपूर्वक गांवों तक भेजा गया।
