ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

रंग-तरंग में सजेगा छत्तीसगढ़ का लोक-संगीत, संस्कृति और आधुनिक सुरों का संगम

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और आधुनिक सुरों का अनूठा संगम ‘रंग तरंग’ कार्यक्रम में देखने को मिलेगा। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की ओर से तीन दिवसीय यह आयोजन 1 से 3 सितंबर 2026 तक रायपुर के सिविल लाइंस स्थित महंत घासीदास संग्रहालय परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर होगा। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से शुरू होगा।

‘रंग तरंग’ में छत्तीसगढ़ की विविध लोक परंपराओं और संगीत शैलियों को नए अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां खास आकर्षण रहेंगी। लोक वाद्यों की धुनों के साथ आधुनिक संगीत का मेल दर्शकों को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का अलग अनुभव कराएगा।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की पहल

आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और वाद्य संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। साथ ही पारंपरिक संगीत को समकालीन सुरों के साथ जोड़कर इसे व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा और लोक कलाओं को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा।

छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी जीवंत लोक कलाओं, संगीत परंपराओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों से रही है। ‘रंग तरंग’ में इन सभी रंगों को एक मंच पर देखने और सुनने का मौका मिलेगा। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन रायपुरवासियों के साथ प्रदेश की कला-संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण रहेगा।

Related Articles

Back to top button