धमतरी। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में धमतरी जिले का भटगांव अब नई पहचान बनाने जा रहा है। यहां राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जाएगा। कलेक्टर की विशेष पहल पर शुरू हो रही इस परियोजना का उद्देश्य पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ना है।
यह केंद्र बकरी पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर फोकस करेगा। यहां कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच और त्वरित रोग निदान जैसी सुविधाओं से लैस हाईटेक प्रयोगशाला बनाई जाएगी। रिसर्च यूनिट के जरिए बकरियों की उन्नत नस्लों का संरक्षण और प्रजनन किया जाएगा, ताकि पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता वाले पशु मिल सकें।
केंद्र में पशुओं के लिए टिकाऊ आहार और हरे चारे के उत्पादन की आधुनिक तकनीकों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इससे किसानों और पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने में मदद मिलेगी।
धमतरी कलेक्टर के विजन के मुताबिक यह केवल ब्रीडिंग सेंटर नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और कौशल विकास का केंद्र भी होगा। यहां युवाओं और किसानों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। प्रशिक्षण लेने वालों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था भी की जाएगी। परियोजना के पहले चरण में 10 से 12 स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है।
इसके अलावा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पशु सखियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। परियोजना में ओडिशा की प्रतिष्ठित फर्म माणिकस्तु का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।
भविष्य में यहां उन्नत नस्लों की खरीद-बिक्री के लिए डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और आधुनिक पशुधन मंडी विकसित करने की भी योजना है। यह परियोजना प्रदेश में वैज्ञानिक पशुपालन और ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
