महासमुंद। महासमुंद में सामने आए करीब डेढ़ करोड़ रुपए के एलपीजी घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
मामले की जांच कर रही पुलिस ने गौरव गैस एजेंसी के संचालक और भाजपा नेता पंकज चंद्राकर को हिरासत में लिया है। पंकज चंद्राकर पूर्व राज्यमंत्री पूरन चंद्राकर के दामाद बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने इस मामले में प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव, खाद्य अधिकारी अजय यादव और सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव को भी हिरासत में लिया है। आरोप है कि सभी ने मिलकर सुनियोजित तरीके से LPG की कालाबाजारी को अंजाम दिया।
जांच के मुताबिक मार्च के अंतिम सप्ताह से 6 अप्रैल 2026 के बीच 6 गैस कैप्सूल को Thakur Petrochemical भेजा गया था। यहां कैप्सूल से गैस निकालकर अलग-अलग टैंकरों के जरिए बाजार में खपाई गई।
पुलिस को कैप्सूल वाहनों में लगे GPS सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि 31 मार्च को 2 कैप्सूल, 1 अप्रैल को 1, 3 अप्रैल को 1 और 5 अप्रैल को 2 कैप्सूल से गैस निकाली गई। कुल 90 मीट्रिक टन LPG अवैध रूप से खाली की गई।
दस्तावेजों की जांच में भी भारी गड़बड़ी मिली है। रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल में केवल 47 टन गैस खरीदी गई थी, लेकिन बिक्री 107 टन से ज्यादा दिखाई गई। इससे चोरी और कालाबाजारी की पुष्टि हुई है।
प्लांट कर्मचारियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे अधिकारियों के निर्देश पर गैस खाली करते थे। गैस को पहले प्लांट के बुलेट टैंक में डाला जाता और फिर निजी टैंकरों से सप्लाई की जाती थी। मामले में संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
