Chhattisgarh: 21 साल बाद भी नहीं बदली राजमेरगढ़ की तकदीर, आधा-अधूरा रिसोर्ट बना अय्याशी का अड्डा, पढिए पूरी खबर

बिपत सारथी@गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। (Chhattisgarh)मध्यप्रदेश में स्थित अमरकंटक से लगे छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही के राजमेरगढ़ की राज्य बनने के 21 साल बाद भी तकदीर बदल नहीं सकी है। दरअसल राज्य बनने के बाद प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने अमरकंटक से सटे राजमेरगढ़ में साढे चार करोड़ की लागत से पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिये रेसोर्ट बनाये जाने की घोषणा किया था।
(Chhattisgarh)जिस पर पंद्रह साल के रमन सिंह के कार्यकाल मे कुछ काम शुरू हुआ पर भ्रष्टाचार के चलते यहां रिसोर्ट आधे अधूरे बनाकर पूरे पैसों का बंदरबांट वनविभाग के अधिकारियों के द्वारा किया गया और अब भूपेश बघेल ने राजमेरगढ़ में रिसॉर्ट और बैगा कुटीर की घोषणा तो किया है।(Chhattisgarh) पर इस पर भी अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
आधे अधूरे रिसोर्ट को अब लोगों ने अय्याशी का अड्डा बना लिया है और यहां शराबखोरी तथा अवैध गतिविधियां आये दिन होते रहती हैं।
वहीं निर्माणाधीन भवन जर्जर होने के कारण इन्हे देखकर यहां आने वाले पर्यटकों को भी मायूसी हासिल हो रही है वहीं लोग शासन की कथनी और करनी में अंतर होने का भी आरोप लगा रहे हैं.