छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: बंगाल की हिंसा में संलिप्त लोगों के खिलाफ हत्या के अपराध दर्ज हों और टीएमसी के गुण्डों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए- भाजपा

रायपुर। (Chhattisgarh) भारतीय जनता पार्टी द्वारा प. बंगाल में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बर्बर हिंसा, हत्या, दुष्कर्म, लूटपाट के ख़िलाफ़ बुधवार को आहूत देशव्यापी धरना आंदोलन में छत्तीसगढ़ भाजपा और मोर्चा-प्रकोष्ठों के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों व कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। छत्तीसगढ़(Chhattisgarh)  में भाजपा द्वारा टीएमसी के खिलाफ दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी कार्यकर्ता अपने-अपने घर के बाहर धरने पर बैठे।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीपक अंधारे अपने निवास बगिया में धरने पर बैठे। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निवास पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, संगठन माहामंत्री पवन साय, राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम व पूर्व मंत्री राजेश मूणत धरने पर बैठे। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक अपने निवास बिल्हा, पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल राजधानी स्थित अपने सिविल लाइन निवास और पूर्व मंत्री व विधायक अजय चंद्राकर अपने राजधानी रायपुर स्थित निवास पर, भाजपा प्रदेश महामंत्री नारायण चंदेल चापा जांजगीर , भूपेंद्र सवन्नी बिल्हा, किरण देव जगदलपुर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने रायपुर में बंगाल हिंसा के खिलाफ धरना दिया। सांसद सुनील सोनी, संतोष पाण्डेय, विजय बघेल, पूर्व मंत्री केदार कश्यप, महेश गागड़ा, भाजपा नेता सुभाष राव, संजय श्रीवास्तव, श्रीचंद सुंदरानी, छगन मूंदड़ा, पूर्व विधायक व अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष अखिलेश सोनी प्रदेश प्रवक्ता नीलू शर्मा व अनुराग सिंह देव, अमित साहू, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत, कृष्णबिहारी जायसवाल, पूर्व मंत्री लता उसेण्डी, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा, केदार गुप्ता,  भाजपा के सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं ने बंगाल हिंसा के ख़िलाफ़ अपने-अपने निवास के बाहर धरना दिया।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि जिस प्रकार पश्चिम बंगाल में हिंसा का ताण्डव पूरे देश ने देखा, प्रजातंत्र के इतिहास का सबसे कलंकित करने वाला अध्याय और यह दिन रहा है। चुनाव नतीजे आने के बाद से प. बंगाल में जैसी हिंसा हुई वैसी हिंसा देश के इतिहास में किसी सरकार के चुने जाने के बाद नहीं हुई। महिलाओं को घसीट कर घर से बाहर निकाला जा रहा है, उनके साथ दुष्कर्म जैसी शर्मनाक वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है, युवकों की पीट-पीट कर हत्या की जा रही है, गरीब भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों और झोपड़ियों को तोड़कर नष्ट किया जा रहा है, भाजपा कार्यालयों को आग के हवाले किया जा रहा है। हिंसा के विरोध में इस धरना आन्दोलन का उद्देश्य यही है कि सबसे पहले प. बंगाल में हिंसा का दौर समाप्त हो, इस हिंसा में संलिप्त लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में अपराध दर्ज हों और तृणमूल कांग्रेस के गुण्डों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। डॉ. सिंह अपने धरने में ‘लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा की ये कैसी आजादी है, हर ओर हिंसा का मंजर है और सत्ता में उन्मादी है’ लिखी हुई तख्ती लेकर बैठे थे। सांसद सुनील सोनी ने तिल्दा में धरना दिया।

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