संपत्ति विक्रय में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने रचा नया कीर्तिमान

रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने संपत्ति विक्रय के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक 2 साल 8 महीने में मंडल ने 7,650 संपत्तियां बेची हैं। इनकी कुल कीमत 1,609.18 करोड़ रुपए रही। मंडल के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों की तुलना में वार्षिक औसत संपत्ति विक्रय में करीब 84% की बढ़ोतरी हुई है।
वर्ष 2019 से 2023 के बीच मंडल ने कुल 7,793 संपत्तियां बेची थीं। इस अवधि में हर साल औसतन 1,559 संपत्तियों का विक्रय हुआ। वहीं 2024 से अगस्त 2026 के बीच वार्षिक औसत बढ़कर करीब 2,869 संपत्तियां हो गया है। यानी कम अवधि में ही संपत्तियों की बिक्री की रफ्तार में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
बिक्री मूल्य में भी दो गुने से ज्यादा बढ़ोतरी
संपत्तियों की संख्या के साथ बिक्री मूल्य में भी बड़ा अंतर आया है। 2024 से अगस्त 2026 तक 1,609.18 करोड़ रुपए की संपत्तियां बेची गईं। इस अवधि में वार्षिक औसत बिक्री करीब 603 करोड़ रुपए रही। जबकि 2019 से 2023 के दौरान कुल 1,362.21 करोड़ रुपए की संपत्तियां बिकी थीं और वार्षिक औसत 272.44 करोड़ रुपए था। वर्तमान अवधि में यह औसत दो गुने से अधिक हो गया है।
मंडल के मुताबिक, संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, मांग के अनुसार बिक्री व्यवस्था और हितग्राहियों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने से बिक्री में तेजी आई है। लंबित मामलों के निराकरण पर भी फोकस किया गया है। ओटीएस-2 के माध्यम से 1,584 संपत्तियों से जुड़े मामलों का निराकरण किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में मंडल की संपत्तियों के बेहतर उपयोग और पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। इससे नागरिकों को आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां उपलब्ध कराने के साथ सरकारी संपत्तियों के प्रभावी प्रबंधन को भी गति मिली है।





