छत्तीसगढ़

Chhattisgarh बायोडायवर्सिटी का नया कारनामा, छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी ने जिस पक्षी की तस्वीर को दिया प्रथम पुरस्कार….वो भारत में पाई ही नहीं जाती ….अब सोशल मीडिया पर जमकर हो रहें हैं ट्रोल

रायपुर। (Chhattisgarh) छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं, मगर इस बार मामला ही अलग है. जब अधिकारियों के कारनामे सामने आए तो खुद सीएम और वनमंत्री भी संकोच में हैं। 22 मई को छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी ने फोटोग्राफी और पोस्टर लेखन सहित कई कैटेगरी में अवार्ड की घोषणा की थी। मगर कुछ कारणों की वजह से अवार्ड में देरी भी हुई।(Chhattisgarh)  पर अब जिन लोगों को यह अवार्ड दिया गया है, वो सभी सवालों के घेरे में हैं। जिस पक्षी की फोटो पर तीन विजेताओं को अवार्ड मिला। वो तो भारत देश में पायी नहीं जाती। जिसके बाद सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ सी आ गई है।

एक यूजर ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि प्रतियोगिता का नाम छत्तीसगढ़ की जैव विविधता है और पुरस्कार अमेरिकी केस्टरेल द्वारा जीता जाता है। ऐसा केवल छत्तीसगढ़ में होता है। अंधों में काना राजा सुनाना होगा..लेकिन यहां तो राजा ही है और जनता की आंखे तेज

पक्षी की फोटो शेयर करते ही अलग-अलग यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया देने लगे। फिर क्या विभाग भी शर्म से पानी-पानी हो गया। और आनन-फानन में विभाग के फेसबुक साइट से फोटो को बिना देरी किए हटा लिया। और पीछे-पीछे एक नोटिस चस्पा करना नहीं भूले…..जिसमें साफ सुथरे शब्दों में लिखा था…”फोटोग्राफी प्रतियोगिता के परिणामों को तकनीकी कारणों की वजह से अभी स्थगित कर दिया गया है”..कोडिंग त्रुटियां होने के कारण कमिटी की ओर से फिर से परिणाम जल्द घोषित किये जायेंगे।

सोशल मीडिया पर आलोचनाएं यहीं तक नहीं रूकी विजेता चुनने वाले कमिटी और जज को आढ़े हाथों लिया गया है।

शिरीष दामरे नाम के फेसबुक यूजर्स लिखते हैं सबसे प्रमुख विषय है कि फोटोग्राफी प्रतियोगिता का निर्णय करने वाले निर्णायक कौन हैं?

फिर इसी यूजर्स ने एक ओर पोस्ट किया जिसमें लिखा छत्तीसगढ़ बायोडायवर्सिटी बोर्ड की निष्पक्षता पर यह कोई पहला सवाल नहीं उठा है, इससे पहले भी कई निर्णय गलत लिये गये.पहले दो दिन परिणाम रूके फिर त्रुटि की बात गले से नहीं उतर रही

जिस अधिकारी को अवार्ड दिया गया खुद वन विभाग के अधिकारी

अब सवालों के घर में वन विभाग के अधिकारी है. जिन्हें अवार्ड दिया गया। जी हां विजया रात्रे खुद कांगेर वैल्ली राष्ट्रीय उद्यान में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदस्थ है। लोग इस बात पर ऊंगली उठा रहे है कि सोशल मीडिया पर आप पक्षी की फोटो डाउनलोड कर उसे डाल सकते हैं।

आलोचना और बदनामी से घिरा विभाग अब 25 मई की शाम 17.32 मिनट पर बोर्ड के प्रभारियों को मेल किया। और उसी रात 12 तक फोटो की डिटेल मांगी। आखिर अब पक्षी के बारे में जानकारी लाए तो लाए कहां से जिस पर तीखी प्रतिक्रिया लोगो के द्वारा जाहिर की गई।

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