छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: कृषि विधेयक का विरोध, मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सांसदों तथा विधायकों से की चर्चा, राहुल गांधी के साथ दुर्व्यवहार की तीव्र निंदा की गई

रायपुर। (Chhattisgarh) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई पार्टी विधायक दल की बैठक में सर्वप्रथम हाथरस जा रहे सांसद राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की तीव्र निंदा की गई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा पारित कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य विधेयक 2020 तथा आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक सहित औद्योगिक संबंध संहिता 2020 विधेयक के विरोध के संबंध में पार्टी(Chhattisgarh)  ने सांसदों और सभी विधायकों के साथ चर्चा की गई।

चर्चा में सभी मंत्रीगणों सहित कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने राज्य में एकमत से उक्त विधेयक का पूरजोर विरोध करने का निर्णय लिया गया। साथ ही आवश्यक हुआ तो शीतकालीन सत्र के पहले छत्तीसगढ़ में विशेष सत्र बुलाकर विधेयक में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जाने पर भी विचार किया गया।

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधायक दल की हुई बैठक में मंत्रीगणों सहित विधायकों ने विचार व्यक्त किए। बैठक में एकमत से सभी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसानों की उन्नति और उनकी मजबूती के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इससे किसान, मजदूर तथा गरीब तबका सहित हर वर्ग के लोग खुशहाल हैं और वे आर्थिक रूप से और अधिक मजबूती के साथ खड़े होने लगे हैं। राज्य में मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में सरकार के बनते ही किसानों के हित के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण सहित कर्जमाफी तथा सिंचाई करमाफी जैसे अनेक महत्वपूर्ण निर्णय शामिल है। इसी तरह राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही अपने वायदे के मुताबिक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में किसानों के हित में अहम निर्णय लेते हुए योजनाएं तथा कार्यक्रमों को लागू करने का यह सिलसिला लगातार जारी है। राज्य में महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की अवधारणा को साकार करने के लिए सरकार द्वारा नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी नामक महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत गौठानें निर्मित की जा रही है। इसके जरिए लोगों को अधिक से अधिक रोजगार तथा आय के अवसर उपलब्ध होने लगे हैं। इस तरह छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और मजदूरों तथा गरीबों को आगे ले जाने तथा उन्हें सशक्त बनाने में एक मॉडल राज्य की तरह पूरे देश में एक अलग पहचान है।

                मुख्यमंत्री बघेल द्वारा आज ली गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू , पंचायत मंत्री टीएससिंहदेव , खाद्य मंत्री अमरजीत भगत , नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया , सांसद दीपक बैज तथा सांसद केटीएस तुलसी सहित कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने भाग लिया।

इस दौरान कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि उक्त विधेयकों से किसान बड़े पूंजीपतियों और कॉर्पोरेट घराने के गुलाम हो जाएंगे। वे अपनी उपज को अपनी मर्जी के अनुसार बिक्री नहीं कर पाएंगे। इन विधेयकों से मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इन विधेयकों को प्रदेश में किसान, मेहनतकश लोगों के हित के विरूद्ध बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की यह नीति गरीब किसान तथा मेहनतकश लोगों के हित में अव्यावहारिक है। यह व्यापारियों के हित में है।

उन्होंने यह भी बताया कि इसके तहत अब अनाज, दलहन-तिलहन तथा प्याज-आलू जैसे सामग्रियों को आवश्यक वस्तु की श्रेणी से हटाया जा रहा है। इससे जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा और आम आदमी तथा उपभोक्ताओं को सही दाम पर अब ये सामग्री उपलब्ध नहीं होंगे। इस तरह उक्त विधेयकों से आम आदमी को नही बल्कि बड़े पूंजीपतियों को ही लाभ मिलेगा। इसके तहत पूरे देश के बाजार को खुला कर रहे हैं।

चर्चा में भाग लेते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने औद्योगिक संबंध संहिता 2020 विधेयक के बारे में जानकारी देते हुए इसे श्रमिकों के हित में नहीं होना बताया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि ये विधेयक किसान, गरीब, मजदूर लोगों को लाभ पहुंचाने वाले नहीं, बल्कि इससे कार्पोरेट घराने को अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए मदद मिलने वाली है। ऐसा कानून लागू करने वाले कई देशों में इसके दुष्परिणाम दिखाई देने लगे हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन विधेयक के जरिए अनाज तथा दलहन-तिलहन जैसे आवश्यक वस्तुओं को हटा दिया गया है। इससे कालाबाजारी तथा मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा और आम आदमी को काफी नुकसान होगा। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में किसान सहित हर वर्ग के लोगों की उन्नति के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य में विगत सितम्बर माह की तुलना में चालू वर्ष के सितम्बर माह में राज्य में जीएसटी में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवसर पर विधायक धनेन्द्र साहू, विधायक सत्यनारायण शर्मा आदि ने चर्चा में भाग लिया और सभी ने एकमत से विरोध करने के लिए अपनी सहमति दी। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रदेश में एआईसीसी के निर्देशानुसार उक्त विधेयकों के विरोध में प्रदेश में धरना-प्रदर्शन तथा सम्मेलन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर से धरना-प्रदर्शन तथा हस्ताक्षर अभियान शुरू होंगे। इसके तहत प्रदेश में 20 लाख लोगों का हस्ताक्षर होगा। इसी तरह 10 अक्टूबर को राजीव भवन में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यहां से हर ब्लॉक स्तर पर किसानों से जुड़कर अभियान को सफल बनाया जाएगा। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा तथा रूचिर गर्ग उपस्थित थे।

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