महादेव सट्टा ऐप केस में CBI की नई चार्जशीट: प्रोटेक्शन मनी देने का दावा, फर्जी खातों से विदेश भेजी गई रकम; भोपाल के दो कारोबारी आरोपी

रायपुर। देश के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने विशेष अदालत में छह नई चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें एक आरोप पत्र कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जबकि पांच अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन से संबंधित हैं।

सीबीआई ने असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धम्मानी के अलावा भोपाल के रैपिड ट्रैवल्स संचालक विशाल आहूजा और धीरज आहूजा को भी आरोपी बनाया है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, आहूजा बंधु महादेव ऐप के प्रमोटरों, उनके परिजनों और सहयोगियों की देश-विदेश की हवाई टिकटों की बुकिंग करते थे। इसके लिए ट्रैवल कंपनियों के वॉलेट में पहले से राशि जमा कर टिकट बुक कराए जाते थे।

सीबीआई का दावा है कि सट्टे से अर्जित रकम फर्जी बैंक खातों के जरिए विदेश भेजी जाती थी और नेटवर्क को संरक्षण दिलाने के लिए कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर “प्रोटेक्शन मनी” भी दी जाती थी।

एजेंसी ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी अतिरिक्त साक्ष्य अदालत में पेश किए हैं। दोनों समेत चार आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है और उन्हें पश्चिम एशिया से भारत लाने के प्रयास जारी हैं।

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में अब तक देशभर में 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर 4,336 करोड़ रुपए की संपत्ति, नकदी और आभूषण कुर्क कर चुका है। जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई के बावजूद अलग-अलग नामों से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क अब भी सक्रिय है।

हालांकि, इस मामले में एक बड़ा सवाल भी उठ रहा है। ईडी और छत्तीसगढ़ ईओडब्ल्यू की जांच में कई नेताओं और पुलिस अधिकारियों के नाम सामने आने तथा कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ के बावजूद सीबीआई की नई चार्जशीट में किसी भी नेता या सरकारी अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया है। इसे लेकर जांच के दायरे और निष्कर्षों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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