गरियाबंद। गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के दौरान भाजपा नेताओं के बयान और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राजिम से भाजपा विधायक रोहित साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे रिश्वत लेने वाले पटवारी को “जूता से मारने” की बात कहते नजर आ रहे हैं। वहीं, पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी ने भी मंच से प्रशासनिक अधिकारियों और कलेक्टर पर नाराजगी जताई।
दरअसल, 5 मई को छुरा ब्लॉक के ग्राम पाटसिवनी में सुशासन तिहार के तहत जनसभा आयोजित की गई थी। इस दौरान एक ग्रामीण ने पटवारी पर 40 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया। शिकायत सुनते ही विधायक रोहित साहू ने मंच से कलेक्टर को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे पटवारी को तुरंत सस्पेंड किया जाए और जांच में आरोप सही मिलने पर FIR दर्ज हो। इसी दौरान उन्होंने कहा कि “ऐसे पटवारी को जूता से मारूंगा, यहां पैसा कमाने नहीं नौकरी करने आए हैं।”
विधायक के इस बयान के बाद पटवारी संघ ने नाराजगी जाहिर की है। तहसील शाखा छुरा के पटवारियों ने विधायक के बयान की निंदा करते हुए सुशासन तिहार के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
इधर, अमलीपदर तहसील मुख्यालय में आयोजित समाधान शिविर में खाली कुर्सियां देखकर पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी भड़क गए। मंच पर कलेक्टर भगवान सिंह उईके की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि अधिकारी नेताओं के फोन तक नहीं उठाते, जबकि छोटी समस्याएं बातचीत से ही सुलझ सकती हैं।
मांझी ने आरोप लगाया कि जनता आवेदन देकर थक जाती है, लेकिन प्रशासन गंभीरता नहीं दिखाता। उन्होंने कहा कि अगर समाधान शिविरों में जनता ही नहीं पहुंच रही तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। भाजपा नेताओं के इन बयानों के बाद जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव की चर्चा तेज हो गई है।
