रायपुर। केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में उन्होंने राज्य की योजनाओं को ग्राम स्तर तक पहुंचाने की रणनीतिक पहल को सराहनीय बताया।
केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से ग्राम चौपाल, ग्राम सभाओं और सोशल मीडिया के माध्यम से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने हर ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित जानकारी प्रणाली को नवाचारपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक आसानी से पहुंचेगी और पारदर्शिता के साथ मॉनिटरिंग भी मजबूत होगी।
अपने पत्र में चौहान ने वन क्षेत्रों और विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PGVT) के विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की भी सराहना की। उन्होंने इसे राज्य के समावेशी और सतत विकास दृष्टिकोण का उदाहरण बताया।
इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत छत्तीसगढ़ का श्रम बजट 850 लाख मानव-दिवस से बढ़ाकर 1250 लाख मानव-दिवस कर दिया गया है। इसे उन्होंने राज्य में बढ़ती कार्यगत जरूरत और प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इसी प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नई दिशा देगी और अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
