जांजगीर-चांपा। जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उदयबंद में आयोजित एक चंगाई सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद पुलिस ने धर्मांतरण के आरोप और धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में पास्टर तथा मकान मालिक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम उदयबंद के गुड़ीपारा क्षेत्र में स्थित एक मकान में चंगाई सभा आयोजित की गई थी, जिसमें गांव के महिला और पुरुष शामिल हुए थे। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को इसकी सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और सभा में धर्म विशेष के प्रचार-प्रसार तथा लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया।
शिकायतकर्ता सतीश सोनी ने पुलिस को बताया कि सभा में लोगों को बीमारियों के इलाज के नाम पर बुलाया गया था। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों को “चमत्कारी पानी” पिलाकर विभिन्न बीमारियों के ठीक होने का दावा किया जा रहा था। साथ ही ईसा मसीह और बाइबल से संबंधित साहित्य वितरित कर ईसाई धर्म का प्रचार किया जा रहा था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। कथित तौर पर लोगों से कहा गया कि अन्य देवी-देवता किसी प्रकार की सहायता नहीं कर सकते, जबकि ईसा मसीह में विश्वास करने से रोग दूर हो सकते हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मकान मालिक बद्रीनाथ बरेठ तथा पास्टर रथराम महिलांगे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही मौके से धार्मिक साहित्य भी जब्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
