कुत्ते के नाम के विकल्प में ‘राम’ लिखने पर बवाल, प्रिंसिपल और शिक्षिका निलंबित; हिंदू संगठनों ने FIR की मांग की

रायपुर। अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान कक्षा चौथी के अंग्रेजी प्रश्न पत्र में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में ‘राम’ लिखे जाने से मचे विवाद पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर हिमांशु भारतीय ने प्रश्न पत्र तैयार करने वाली प्रधानपाठक और शिक्षिका को निलंबित कर दिया है। साथ ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला नकटी (खपरी) में पदस्थ प्रधानपाठक एवं शिक्षिका शिखा सोनी ने प्रश्न पत्र का निर्माण किया था। विभागीय जांच में उन्हें दोषी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई। वहीं प्रश्न पत्र का मॉडरेशन करने वाली नम्रता वर्मा (सहायक शिक्षक-संविदा) की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिखा सोनी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि वे विकल्प में ‘रामू’ लिखना चाहती थीं, लेकिन अंग्रेजी का ‘यू’ अक्षर छूट जाने से ‘राम’ अंकित हो गया। उन्होंने इसे अनजाने में हुई गलती बताते हुए खेद व्यक्त किया है। इसके बावजूद विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की है। सही शिक्षक और मॉडरेटर का चयन न करने के कारण तिल्दा के BEO और शहीद स्मारक स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य को भी चेतावनी पत्र जारी किया गया है।
विवादास्पद प्रश्न पत्र रायपुर के साथ-साथ महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी और बलौदाबाजार समेत रायपुर संभाग के सभी जिलों में वितरित किया गया था। मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षा सत्र 2025-26 की अर्धवार्षिक परीक्षा में कक्षा चौथी के अंग्रेजी पेपर में प्रश्न था— “मोना के कुत्ते का नाम क्या है?” इसके विकल्पों में ‘शेरू’ के साथ ‘राम’ भी शामिल था। शिकायत मिलने पर विभाग ने माना कि हिंदू धर्म के आराध्य देव का नाम इस तरह प्रयोग करना धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकता है। जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई थी।
इधर, गरियाबंद समेत अन्य जिलों में विहिप और बजरंग दल सहित हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठनों ने दोषी अधिकारियों पर FIR दर्ज करने और लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक की भूमिका की भी जांच की मांग की है। डीईओ हिमांशु भारतीय ने कहा कि प्रश्न पत्र मॉडरेशन से जुड़े शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है और आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।





