रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार आचार्य पदारोहण महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में 16 से 18 जून तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस अवसर पर पन्यास प्रवर विनय कुशल मुनि को विधिवत आचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार खरतरगच्छ परंपरा में करीब 71 साल बाद किसी संत को आचार्य पद की पदवी प्रदान की जा रही है।
इस ऐतिहासिक आयोजन का आयोजन सकल जैन समाज छत्तीसगढ़, अखिल भारतीय खरतरगच्छ महासंघ और आचार्य पदारोहण सहस्रावधान तपस्या महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील पारख और महासचिव अशोक कांकरिया ने रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि महोत्सव में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।
महोत्सव के पहले दिन 16 जून को धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। सुबह वृहद शांतिधारा अभिषेक और 504 जोड़ों की सहभागिता से सूरीमंत्र महापूजन का आयोजन किया जाएगा। शाम को प्रसिद्ध भजन गायिका अनुराधा पौडवाल भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी।
17 जून को 14 वर्षीय बाल मुनि हंसभद्र मुनि द्वारा सहस्रावधान का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद शाम को भक्ति संध्या का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण 18 जून को होने वाला आचार्य पदारोहण कार्यक्रम रहेगा। इस दिन पन्यास प्रवर विनय कुशल मुनि को विधि-विधान के साथ आचार्य पद प्रदान किया जाएगा। विराग मुनि द्वारा उन्हें सूरी मंत्र देकर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन खरतरगच्छ परंपरा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा। छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे इस धार्मिक आयोजन को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
