छत्तीसगढ़गरियाबंद

बदलता देवभोग -: नई तस्वीर, चिरायु योजना से संवरेगी बच्चों की जिंदगी

रविकांत तिवारी@देवभोग। मुस्कुराता खिलखिलाता मासूम चेहरा किसे नहीं भाता’ मां बाप के लिए तो बच्चे की मुस्कान, उसकी खुशी और तरक्की ही सब कुछ होती है। मगर वही बच्चा अगर तकलीफ में हो तो उनका परेशान होना लाजमी है। जिले में हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं को पहुंचाने कि लिए जिला प्रशासन के द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहें है। जिसके तहत् जिले में चिरायु योजनान्तर्गत सभी विकासखण्डों के बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है। जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त विकासखण्डों में बच्चों की स्क्रीनिंग कर उच्च उपचार के लिए भेजा जा रहा है। ऐसे ही जिले के 02 बच्चों के माता-पिता की खुशियां जल्द ही वापस आने वाली है। स्क्रीनिंग के दौरान देवभोग ब्लॉक के दो बच्चों में हृदय सम्बन्धी रोग की पुष्टि हुई है.. जिस पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तत्काल बच्चे के माता-पिता से सम्पर्क कर उन्हें ईलाज हेतु तैयार किया गया तथा दोनों बच्चों का रायपुर में सफल ऑपरेशन कराया जायेगा । यहां बताना लाजमी होगा कि जिले में लगातार चिरायु योजना के अंतर्गत ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर निःशुल्क लाभ दिया जा रहा है। बीएमओ डॉक्टर सुनील कुमार रेड्डी ने बताया कि योजनान्तर्गत 0-18 वर्ष के बच्चे (जिनका नाम शासकीय स्कूलों या आंगनबाड़ी में दर्ज हो ) 30 प्रकार की चिन्हांकित बीमारी से पीड़ित है तो चिरायु योजना के अंतर्गत निःशुल्क लाभ ले सकते हैं, और उनका इलाज पूर्णतः निशुल्क है।

जानिए चिरायु योजना की पूरी जानकारी -:
चिरायु योजना के तहत शून्य से 18 साल तक के सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। जरूरत के अनुसार ऑपरेशन भी रजिस्टर्ड अस्पतालों में मुफ्त में किया जाता है। प्रदेश के सभी 146 ब्लॉकों में 292 मोबाइल मेडिकल यूनिट हैं। ये चिह्नांकित स्कूलों और आंगनबाड़ी में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर तत्काल इलाज करते हैं। ऑपरेशन वाले बच्चों को बड़े व पंजीकृत अस्पतालों में भेजते हैं। एनएचएम के तहत संचालित योजना में आंगनबाड़ी के बच्चों का साल में दो बार और स्कूली बच्चों का साल में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। हर ब्लॉक में दो चिरायु दल गठित किए गए हैं। प्रत्येक दल में एक महिला व एक पुरुष आयुष चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट एवं एक एएनएम है।

उगेंद्री और गौरवी के चेहरे पर खिलेगी जल्द मुस्कान-: ब्लॉक के चिंगराभाठा की उगेंद्री(5) और कुरलापारा की गौरवी(5) हृदय रोग से ग्रसीत है.. बीएमओ के नेतृत्व में चिरायु दल ने घर पहुँचकर दोनों से सम्पर्क कर लिया है.. बीएमओ डॉक्टर सुनील कुमार रेड्डी ने बताया कि दोनों बच्चों को शासन के खर्च पर इलाज के लिए राजधानी लेकर टीम सोमवार को निकलेगी.. यहां बताना लाजमी होगा कि प्रदेश के मुखिया भेंट मुलाक़ात कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देवभोग पहुँचे थे, इस दौरान उन्हें उगेंद्री के विषय में जानकारी मिली थी.. सीएम ने जानकारी मिलने के बाद तत्काल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि उगेंद्री के इलाज के लिए जल्द ही उचित कदम उठाया जाये.. वहीं सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर पहुँचकर उगेंद्री के स्वास्थ्य के विषय में जानकारी लेकर राजधानी भेजे जाने हेतु पहल करना भी शुरू कर दिया था.. वहीं इलाज के लिए रवाना होने से पहले दोनों बच्चियों के परिजनों ने सीएम भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया है.. परिजनों के मुताबिक शासन की इस महत्वपूर्ण योजना से दोनों बच्चियों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटेगी..

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