देशभर में मौसम का डबल अटैक, कई राज्यों में भारी बारिश; असम-बंगाल पर बाढ़ का खतरा

दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। कहीं बारिश और तेज हवाओं की आशंका है तो कहीं ठंड और तापमान में बदलाव का असर दिख रहा है। इस बीच भूटान में ग्लेशियल झील फटने (GLOF) की घटना ने पूर्वोत्तर भारत की चिंता बढ़ा दी है। असम और पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।

मध्य प्रदेश में कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में भी बूंदाबांदी हो सकती है। गुजरात, गोवा और सौराष्ट्र में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम बदल सकता है, जबकि हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ठंड बढ़ने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं, जबकि तमिलनाडु में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। अंडमान-निकोबार में भी बारिश हो सकती है।

भूटान में झील फटने से असम-बंगाल में बाढ़ का खतरा

भूटान के शिंटाफू ग्लेशियल लेक में पानी का प्राकृतिक बांध टूटने से अचानक बाढ़ आई है। झील से निकला पानी मो छू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ा। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी सहित नदी किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। शुरुआती चेतावनी में 5-6 घंटे में पानी मैदानी इलाकों तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी।

अलीपुरद्वार में 4 से 5 हजार लोगों को राहत शिविरों और 6 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। SDRF तैनात है और NDRF को भी सक्रिय किया गया है। ताजा जानकारी में पानी का बहाव कुछ कम हुआ है, लेकिन संकोश नदी के लिए रेड अलर्ट जारी है।

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