मुख्य सचिव विकासशील ने दिए निर्देश, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने और नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने पर जोर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मुख्य सचिव विकासशील ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय एनकोर्ड समिति की बैठक में अधिकारियों को राज्य और जिला स्तर पर विस्तृत रोडमैप बनाने के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने को कहा।
बैठक में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और अब तक चलाए गए अभियानों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर एनकोर्ड की बैठकें नियमित रूप से हों और उनमें लिए गए फैसलों के परिणामों की समीक्षा की जाए।
राज्य की सीमाओं पर बढ़ेगी चौकसी
नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग को राज्य की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
मानस पोर्टल की शिकायतों की समीक्षा
बैठक में मानस पोर्टल पर मिली शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई। 16 अगस्त से 25 सितंबर 2026 तक चलाए गए पाक्षिक विशेष अभियानों की प्रगति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। साथ ही नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधियों की धरपकड़ भी की जा रही है।
सभी शिक्षण संस्थानों को एक्शन प्लान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत ने प्रस्तुतीकरण के जरिए समिति से संबंधित जानकारी साझा की।
बैठक में डीजीपी अरुण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी संभागायुक्तों, जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों ने भी बैठक में भाग लिया।
