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TMC में बढ़ी बगावत की हलचल: बागी सांसद कल स्पीकर बिरला से मिलेंगे, ममता ने सायोनी घोष और माला रॉय को पद से हटाया

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी राजनीतिक संकट के बीच पार्टी के बागी लोकसभा सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। बागी गुट के सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया ने इसकी जानकारी दी है। इस बीच पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सांसद सायोनी घोष और माला रॉय को उनके पार्टी पदों से हटा दिया है।

सायोनी घोष को टीएमसी की युवा इकाई के अध्यक्ष पद से हटाकर उनकी जगह युवा नेता अर्णब बनर्जी को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सांसद माला रॉय को महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से हटाकर नादिया जिले की कालीगंज विधानसभा सीट से विधायक अलीफा अहमद को नया अध्यक्ष बनाया गया है।

बताया जा रहा है कि यह बदलाव 12 जून को हुई पार्टी बैठक में ही तय कर लिए गए थे। रविवार को इसकी जानकारी सामने आई। दोनों सांसद बागी गुट में शामिल बताए जा रहे हैं। सायोनी घोष और माला रॉय रविवार को कोलकाता से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।

टीएमसी में संकट की शुरुआत 3 जून को हुई थी, जब 58 विधायकों ने अलग गुट बनाने का दावा किया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने पार्टी की सभी समितियां भंग कर दी थीं। कुछ दिनों बाद 20 लोकसभा सांसदों के अलग गुट की खबर सामने आई, जिसमें सायोनी घोष और माला रॉय भी शामिल हैं।

बागी सांसदों का दावा है कि उनके पास लोकसभा में दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का समर्थन है। टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने अलग गुट बनाने की मांग की है। वहीं विधानसभा में 80 में से 58 विधायकों के अलग होने का दावा किया जा रहा है।

दल-बदल कानून के अनुसार किसी दल के दो-तिहाई सांसद या विधायक अलग गुट बनाते हैं तो उसे मान्यता मिल सकती है। अंतिम निर्णय लोकसभा स्पीकर या विधानसभा अध्यक्ष लेते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम को महाराष्ट्र में हुई शिवसेना की बगावत से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां एकनाथ शिंदे गुट को दो-तिहाई विधायकों के समर्थन के आधार पर मान्यता मिली थी। अब बंगाल में टीएमसी का राजनीतिक भविष्य और पार्टी पर नियंत्रण को लेकर स्थिति लोकसभा स्पीकर के फैसले पर भी निर्भर करेगी।

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