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राज्यपाल रमेन डेका ने रेत के वैज्ञानिक खनन पर दिया जोर, पर्यावरण संरक्षण को बताया प्राथमिकता

रायपुर। रायपुर में बुधवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में रमन डेका ने राज्य की नदियों और बड़े नालों में रेत खनन को वैज्ञानिक, संतुलित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि रेत राज्य के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, लेकिन इसके उपयोग और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।

लोक भवन में खनिज विभाग के सचिव पी.दयानंद के साथ चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अनियंत्रित और अवैज्ञानिक खनन से पर्यावरण, जल संसाधनों और स्थानीय पारिस्थितिकी पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इसलिए सभी खनन गतिविधियां निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप ही संचालित की जानी चाहिए।

बैठक के दौरान राज्यपाल ने राज्य में ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था और खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से की जा रही मॉनिटरिंग की जानकारी ली तथा इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।

राज्यपाल डेका ने नदियों और बड़े नालों की प्राकृतिक संरचना तथा जलधारण क्षमता को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनियोजित खनन से नदी तटों का क्षरण, भू-जल स्तर में गिरावट और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में खनन कार्यों की नियमित निगरानी और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिए कि रेत खनन क्षेत्रों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर आईआईटी जैसे विशेषज्ञ संस्थानों से सर्वे और तकनीकी अध्ययन भी कराया जा सकता है, ताकि खनन के प्रभावों का आकलन कर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। राज्यपाल ने कहा कि विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना ही सतत विकास की कुंजी है।

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