सुप्रीम कोर्ट में बढ़ी जजों की संख्या, 5 नए न्यायाधीश नियुक्त

दिल्ली। देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी और अब केवल एक पद रिक्त रहेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रमणि मोहना को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया है।
यह नियुक्तियां केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 के बाद हुई हैं। इस अध्यादेश के तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है। सरकार का मानना है कि बढ़ते मामलों के बोझ और लंबित मुकदमों की संख्या को देखते हुए शीर्ष अदालत में जजों की संख्या बढ़ाना आवश्यक था।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार नई नियुक्तियों से न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी और लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। साथ ही संविधान से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए संविधान पीठों का गठन भी अधिक नियमित रूप से किया जा सकेगा।
विशेष रूप से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें न्यायिक क्षेत्र में लंबे अनुभव और विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में दिए गए फैसलों के लिए जाना जाता है।
सरकार और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई है कि नई नियुक्तियों से सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ेगी, मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और देश की न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।



