पेट्रोल पंपों पर मिलेगा केरोसिन: हर जिले में 2 पंप तय, सप्लाई आसान बनाने केंद्र ने PDS नियमों में दी ढील

दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए अब पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन (मिट्टी तेल) उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी है। यह व्यवस्था फिलहाल 60 दिनों के लिए लागू की गई है, जिसके तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में अस्थायी ढील दी गई है। इस फैसले का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना और सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
नई व्यवस्था के अनुसार, हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को चुना जाएगा, जहां केरोसिन का भंडारण और वितरण किया जा सकेगा। इन पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन स्टॉक रखने की अनुमति दी गई है। साथ ही, केरोसिन वितरकों और एजेंटों को लाइसेंस संबंधी नियमों से अस्थायी छूट दी गई है और टैंकरों से सप्लाई के नियम भी सरल किए गए हैं।
सरकार ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उठाया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति भी सामान्य बनी हुई है। सरकार ने बताया कि प्रतिदिन 55 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और ऑनलाइन बुकिंग 94% तक पहुंच गई है। इसके अलावा, राज्यों को 48 हजार किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है, ताकि वैकल्पिक ईंधन के रूप में इसका उपयोग बढ़ाया जा सके। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें, क्योंकि देश में किसी प्रकार की कमी नहीं है।





